MY REAL TRIBUTE to JAGJEETSINGH-raju bagra
A,VOICE-YOU CAN'T FORGET TILL THE END.
guljar
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guljar
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सोमवार, 17 अक्टूबर 2011
शाम से आँख में नमी सी है -आज फिर आपकी कमी सी है द्वारा -गुलजार -[मराशिम]
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http://sound9.mp3pk.com/ghazals/jagjit_singh/marasim/marasim6(www.songs.pk).म्प३
हाथ छूटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते -द्वारा गुलजार -एल्बम -मराशिम
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